आज के दिन टीम इंडिया ने रचा था इतिहास, पढ़े
अच्छा 6 वर्ष पहले टीम इंडिया व श्रीलंका आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। जहां भारतीय कैप्टन धोनी के पास टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का मौका था, वही श्रीलंका वर्ष 2011 के आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल के पराजय का बदला लेना चाहती थी।
टीम इंडिया के फैंस को धोनी से पूरी उम्मीदें थी, लेकिन शायद भाग्य को कुछ व ही मंजूर था। मीरपुर के शेर-ए-बंगाला नेशनल स्टेडियम में दोनों पड़ोसी देश आमने सामने थे, इन दोनों का एक ही मकसद था ट्रॉफी पर कब्जा।
श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय किया। टीम इंडिया की आरंभ अच्छी नहीं रही, पहले 2 विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन विराट कोहली ने शानदार खेल दिखाते हुए 58 गेंदों में 77 रन बनाए। युवराज ने धीमी पारी खेली व टीम इंडिया 4 विकेट के नुकसान पर 20 ओवर में महज 130 रन ही बना पाई। इसके बाद श्रीलंका ने लक्ष्य के तरफ बढ़ना प्रारम्भ किया व 17.5 ओवर में लक्ष्य को पूरा कर लिया। कैप्टन संगाकारा ने नाबाद 52 रन बनाए। हिंदुस्तान एक सुनहरा मौका गंवा चुका था, श्रीलंका ने अपने नाम खिताब कर लिया था।
इस पराजय का ठीकरा पूरी तरह युवराज सिंह के सिर पर फोड़ा गया क्योंकि उन्हों ने 21 गेंदों में महज 11 रन ही बनाए थे, जिससे भारतीय पारी की लय टूट गई। इसके बाद कुछ नाराज समर्थकों ने चंडीगढ़ में इस ऑलराउंडर के घर पर पत्थर भी फेंके। हांलाकि टीम के तात्कालिक कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने युवी का बचाव करते हुए बोला था कि युवराज के लिए ये एक अच्छा दिन नहीं रहा। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ कोशिश किया लेकिन मैदान पर उतरते ही पहले ही गेंद से धुनाई करना सरल नहीं होता। युवराज को लेकर कुछ सवालों को धोनी पूरी तरह से टाल गए थे।

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