इस रानी ने तोफे में अपना सिर ही काट के दे दिया , लेकिन क्यों ?
हाड़ी रानी का जन्म राजस्थान के बूंदी शहर में हुआ था। हाड़ी रानी इतिहास की सबसे खूबसूरत स्त्री मानी जाती है। हाड़ी रानी जब जवान हो गयी तो उनकी शादी मेवाड़ के राजा रत्न सिंह चूडावत के साथ तय की गई। जब रतनसिंह की शादी हो रही थी तो उस समय राजपूतों के सरदार राणा राजसिंह औरंगजेब से युद्ध लड़ रहे।
औरंगजेब की सेना राजा राज सिंह से युद्ध हारने वाले था इसलिए औरंगजेब ने दिल्ली से अतिरिक्त सेना की टुकड़ी को आने का आदेश दिया। जब इस बात का पता राजसिंह को चला तो उसने रत्न सिंह को पत्र लिखकर सेना की अतिरिक्त टुकड़ी को रोकने का आदेश दिया।
रत्न सिंह की शादी अभी अभी हाड़ी रानी से हुई थी। रत्न सिंह का मन अभी हाड़ी रानी से भरा नही था। जब उनको युद्ध मे जाने न्योता मिला तो वो जाने को तैयार हो गये। जब राजा रत्न सिंह युद्ध क्षेत्र में खड़े तो उनको हाड़ी रानी की याद आने लगी।
उन्होंने अपना एक दूत अपने राज्य में भिजवाया और रानी की कोई चीज लाने के लिए कहा जब इस बात का रानी को चला तो उन्होंने उपहार में अपना सिर काटकर दे दिया। क्योंकि वह नही चाहती थी कि उनका पति उनकी याद में दुश्मन के सामने हार जाए।
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