Breaking News

दिल्ली : टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए 57 जमातियों को भेजा गया जेल

भारत में कोरोना को फैलाने में दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज के जमातियों का बहुत बड़ा हाथ है। यहां पर दुनिया के कई देशों से विदेशी नागरिकों के आने के बाद कोरोना वायरस फैला। अब बिहार सरकार ने कोरोना संकम्रण को रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन के बीच पिछले दिनों पकड़े गए विदेशी नागरिकों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में पटना, बक्सर, किशनगंज और अररिया में पिछले दिनों पकड़े गए अलग-अलग देशों से आए 57 लोगों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और अदालत के आदेश पर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, पिछले दिनों बक्सर और किशनगंज में 11-11, अररिया मे 18 और पटना में 17 विदेशियों को पकड़ा गया था, जिन्हें करोना की जांच भी कराई गई थी, लेकिन निगेटिव पाया गया था।
बिहार के बक्सर जिले के नया भोजपुर से 14 दिन पहले क्वारंटीन में भेजे गए 7 इंडोनेशिया के और 4 मलेशिया के नागरिकों को वीजा नियमों के उल्लंघन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इन सभी पर वीजा का गलत प्रयोग करने का आरोप है। ये विदेशी टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे और धर्म प्रचार कर रहे थे। मार्च महीने में भोजपुर इलाके की एक मस्जिद से पकड़े जाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन में भेज दिया गया था, जिसकी समयावधि पूरे होने के बाद इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और अदालत में पेश कर इन्हें जेल भेज दिया गया।
इधर, अररिया में भी मंगलवार को वीजा के नियमों का उल्लंघन के आरोप में 18 विदेशियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये सभी विदेशी टूरिस्ट वीजा के नाम पर धर्म प्रचार करने में लगे हुए थे। पकड़े गए नौ विदेशी अररिया के जामा मस्जिद में और नौ नरपतगंज स्थित रेवाही मस्जिद में रह रहे थे। इन विदेशी नागरिकों में नौ मलेशियाई नागरिक और नौ बांग्लादेशी नागरिक हैं। इनके खिलाफ अररिया थाना और नरपतगंज में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इससे पहले पटना में 23 मार्च को मस्जिदों में पकड़े गए 17 विदेशियों के खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन में प्राथमिकी दर्ज की गई और इन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल भेजे गए इन विदेशियों में नौ किर्गिस्तान, सात मलेशिया और एक कजाकिस्तान का रहने वाला है।

No comments