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कैसी होती है Z-प्लस सिक्योरिटी, कितने कमांडो करते हैं सुरक्षा; जानिए यहाँ

भारत में नेताओं, अधिकारियों या किसी नामी शख्स के जीवन के होने वाले किसी भी तरह के खतरों को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से इन सभी को एक विशेष तरह की सुरक्षा दी जाती है जिसमें कई तरह के कमांडो या सुरक्षाकर्मी होते हैं।

सरकार जो सुरक्षा देती है उसे Z-प्लस, Z, Y या X कैटगरी में बांटा गया है जिनके नाम के अनुसार इनमें सुरक्षाकर्मियों की संख्या होती है। सरकार की तरफ से इस तरह की खास सुरक्षा अपने मंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट जज या कुछ सीनियर ब्यूरोक्रेट्स को दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में आज के समय तक 500 से अधिक लोगों को ही इस तरह की सुरक्षा मिली हुई है जिनमें से 15 लोगों के पास Z-प्लस कैटगरी की सुरक्षा है।

जेड-प्लस कैटेगरी में दी जाने वाली सुरक्षा कवर में 36 कर्मचारी शामिल होते हैं जबकि ज़ेड और वाई कैटेगरी में क्रमशः 11 और 2 कर्मचारी शामिल होते हैं।

किसी व्यक्ति को दी जाने वाली सुरक्षा की कैटेगरी देश का गृह मंत्रालय तय करता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर उनको होने वाले खतरे के बारे में पता लगाया जाता है जिसके आधार पर उनको सुरक्षा दी जाती है

वहीं भारत के प्रधान मंत्री की सुरक्षा एक विशेष संरक्षण समूह की तरफ से की जाती है। भारत में प्रधानमंत्री की सुरक्षा, विपक्ष के नेता की सुरक्षा के लिए एसपीजी कमांडो को लगाया जाता है।

क्या होती है जेड प्लस कैटगरी-

आपको बता दें कि देश में रहने वाले वीवीआईपीज को ही ये सुरक्षा दी जाती है। इस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। इन 36 में से 10 एनएसजी और एसपीजी कमांडो होते हैं इसके अलावा बाकी के लोग पुलिस के होते हैं। पहले घेरे में एनएसजी कमांडो होते हैं जबकि दूसरी लेयर में एसपीजी के कर्मचारी होते हैं।

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