मौके पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, गर्भवती ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

एटा। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। जहां फोन करने के बाद भी गर्भवती को लेेने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजन उसे ई-रिक्शा से अस्पताल ला रहे थे। महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया। हद तो तब हो गई जब बच्चे के जन्म के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।
शासन की ओर से 102 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही है। बृहस्पतिवार को कोतवाली देहात के गांव अंबारी निवासी नीरज को प्रसव पीड़ा हुई। उनके पति धर्मवीर से सुबह सात बजे 102 व 108 एंबुलेंस के लिए कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने कोरोना में एंबुलेंस लगी होने के कारण मना कर दिया।
वह परिवार की अन्य महिलाओं को साथ लेकर ई-रिक्शा से अस्पताल आ रहे थे। अभी वह जेल रोड पर पुलिस क्लब के पास पहुंचे ही थे कि गर्भवती दर्द से व्याकुल होने लगी। इस पर साथ आई महिलाओं ने गर्भवती को सड़क किनारे जमीन पर लिटा लिया। वहीं महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। महिला के पति ने बताया कि जब एंबुलेंस के लिए उन्होंने दोबारा कॉल की, इसके बाद भी मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। वह प्रसूता को ई-रिक्शा से ही वापस घर ले गए।
प्रभारी मंत्री ने डीएम को सौंपी जांच
एंबुलेंस न पहुंचने की जानकारी पर प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग ने डीएम सुखलाल भारती को जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला के परिजनों द्वारा किस समय कॉल की गई। किस व्यक्ति ने एंबुलेंस के लिए मना कर दिया, आदि की जांच कर दोषी पर कार्रवाई करें।
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