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संजय गांधी की मौत के पीछे की सच्चाई जानकर पैरों तलें खिसक जाएगी जमीन


गांधी परिवार किसी के परिचय का मोहताज नहीं है। दुनिया भर के लोग उन्हें जानते हैं। लेकिन गांधी परिवार से जुड़े ऐसे कई राज हैं जिनके बारे में सभी को जानकारी नहीं है। इंदिरा गांधी जो भारत की प्रधानमंत्री रह चुकी है, अपने आप में बेहद ही प्रभावशाली महिला थी।
जनता के हित के लिए इंदिरा ने कई अहम फैसले तो लिए लेकिन बहुत कुछ गलत फैसले भी लिए जिनका विरोध हुआ। वह भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना चाहती थी लेकिन सत्ता के प्रति अधिक लोभ में वह राजनीति के सभी तौर तरीकों को भूलती चली गयी। कहने को तो वह बहुत ही अच्छी राजनीतिज्ञ थी लेकिन उनमें भी कुछ खामियां थी जो उन्हें आगे नही बढ़ने दे रही थी।
संजय गांधी की हत्या
संजय गांधी जो इंदिरा गांधी के बेटे थे उनकी हत्या को एक सोची समझी साजिश कहा जाता है और इस इस हत्या का सारा इल्जाम इंदरा पर ही लगाया जाता है।
न 1975 में एक अंग्रेजी अखबार ने खुलासा किया है कि इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी की हत्या करने की तीन बार कोशिश हुई। उसी अंग्रेजी अख़बार में ये भी कहा गया कि उनकी हत्या के पीछे उन्ही की मां इंदिरा गांधी थी। मेनका गांधी से शादी होने के बाद संजय के लिए विवादों का बखेड़ा खड़ा हो गया था जिसमें वो पूरी तरह फंस गए थे।
सफदरजंग हवाई अड्डा पर एक उड़ान क्लब है जो कि वहाँ हवाई जहाज चलाना सिखाते है। वहां पर संजय खुद भी कई बार प्लेन उड़ाया करते थे। संजय ने 19 जून 1980 को उड़ान भरी थी जिसमें वो पूरी से सीख चुके थे।
23 जून एक सुबह संजय गाँधी उड़ान भरने के लिए तैयार हो गए थे लेकिन उन्हें ये कहाँ पता था कि आज का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा। 23 जून 1980 को दोपहर के 3:45 मिनट पर संजय गाँधी का हेलीकॉप्टर अनियंत्रित हो गया और जमीन से टकरा गया। इसमें पूरा हेलीकाप्टर बर्बाद हो गया और संजय की मौके पर ही मौत हो गई।
संजय गांधी की साजिश करने में अमेरिका की एक संस्था सी.आई.ए. का हाथ बताया गया था। ये भी कहा जाता है कि इंदिरा उनसे उस दिन मिलने गई थी और वापस आते समय एक चाबी का गुच्छा और उनकी डायरी साथ लेकर आई थी।. इस बात से लगता है कि संजय की मौत के पीछे इन्दिरा गाँधी का हाथ था।

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