आत्महत्या करने वाले थे सुरेश रैना, हाथ बांधकर रैना पर किसी ने किया था पेशाब, जानिए और राज
सुरेश रैना किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, आज वो क्रिकेट जगत में एक मशहूर और जाना-माना चेहरा हैं। जब रैना फॉर्म में रहते हैं तो गेंदबाज उनसे खौफ खाते हैं, आईपीएल में भी रैना का बल्ला खुब गरजता है। रैना आज भल ही आसमान को छु रहे हों लेकिन सुरेश रैना को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैना कभी परिवार से दूर हॉस्टल में रहत थे और वो उस दौरान इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने आत्महत्या करने की कोशीश भी की थी। भले आज वह टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं।
लेकिन अभी क्रिकेट के जानकार लोग मानते हैं कि वह टीम में वापसी कर सकते हैं और उनमें बहुत क्रिकेट बाकी है। खुद रैना अपनी वापसी को लेकर जमकर मेहनत कर रहे हैं। हालांकि अभी उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली है। लेकिन उम्मीद है कि वह टीम इंडिया में जल्द वापसी करेंगे। तो चलिए एक नजर ड़ालते हैं रैना के सफर पर।
1 – हाथ बांधकर रैना पर की थी किसी ने पेशाब
किसी आम बच्चे की तरह रैना की जिंदगी नहीं गुजरी. एक अंग्रेजी अखबार को इंटरव्यू देते हुए रैना बताते हैं बचपन में एक बार वो ट्रेन से सफर कर रहे थे. उनकी ट्रेन तेज रफ्तार से आगरा पहुंचने वाली थी. उनके साथ करीब 12-15 लड़के भी थे, जो उनके साथ आगरा में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे थे.
थके-हारे रैना मौज में सो रहे थे. इसी बीच उन्होंने महसूस किया कि उनके ऊपर कोई चीज रखी हुई है. उन्होंने आखें खोलकर देखी तो हैरान रह गए. उन्होंने देखा कि एक वजनदार बच्चा उनके ऊपर बैठे पेशाब कर रहा है. ऐसी स्थिति में किसी को भी गुस्सा आ सकता है. रैना भी इससे बच नहीं सके.
गुस्से में आकर उन्होंने अपना आपा खो दिया और उस शैतान बच्चे की धुनाई करने लगे. यही नहीं अगली कड़ी में रैना ने उसे अपनी डिब्बे से बाहर तक कर दिया. कहते हैं कि इस घटना ने रैना को अंदर से झकझोर कर रख दिया था. यहां तक कि वह अपने घर यानी गाजियाबाद वापस लौट जाना चाहते थे.
2 – आत्महत्या करना चाहते थे रैना
एक बार रैना को हॉकी स्टिक से भी पीटा गया था, जिसके बाद रैना ने एक साल बाद ही हॉस्टल छोड़ दिया, लेकिन फिर रैना के भाई दिनेश ने दोबारा से उन्हें हॉस्टल पहुंचा दिया। रैना इस दौरान बेहद खराब मानिसक दौर से गुजर रहे थे, वो आत्महत्या करना चाहते थे लेकिन रैना उस वक्त अपने परिवार की मजबूरी समझते थे.
3 – बच्चों के पास रिवॉल्वर
रैना ने आगे इंटरव्यू बताया था काफी बच्चों के पास तब रिवॉल्वर थी, और वे सभी अपने अपने पास बंदूक रखकर ही सोते थे.
4 – 200 रुपये में गुुजारा करते थे रैना
रैना ने कहा वो दिन बहुत मुश्किल भरे थे, पापा 200 रुपये देते थे, और उसी से हम सभी समोसा, बिस्कुट खाया करते थे. लेकिन बाद में सभी का ध्यान मेरे क्रिकेट पर गया, और सब लोग मुझे अपनी टीम में लेना चाहते थे. तब रैना को छक्के लगाने के पैसे मिलते थे, और उसी से उन्होंने शूज खरीदे थे. रैना ने कहा, अगर मै युपी में ही रहता तो आज मै यहां नहीं होता.
5 – 1999 में एयर इंडिया की तरफ से दस हजार रुपए की स्कॉलरशिप
1999 में मुझे एयर इंडिया की तरफ से दस हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिली। मैंने आठ हजार रुपए अपने परिवार को भेज दिए। घर पर कॉल करने के लिए एक कॉल के चार रुपए लगते थे, ऐसे में मैं दो मिनट से ज्यादा बात नहीं करता था। इन सब घटनाओं की वजह से मुझे पैसों की कीमत समझ में आ गई।
6 – साल 2003 में रैना इंग्लैंड क्लब
साल 2003 में रैना इंग्लैंड क्लब क्रिकेट खेलने गए। वहां उन्हें एक सप्ताह क्रिकेट खेलने के 250 पाउंड मिले। बाद में रैना ने साल 2005 में पहली बार भारत की टीम के लिए वनडे मैच खेला।
रैना बताते हैं कि सीरिज से पहले कैम्प में महेंद्र सिंह धोनी के साथ रूम शेयर किया था। रैना जमीन पर सोते थे क्योंकि वे बेड यूज नहीं करते थे। धोनी भी जल्द ही उनके साथ नीचे सोने लगे। रैना बताते हैं कि धोनी ने उनके पास आकर कहा कि उन्हें भी बेड पर सोने की आदत नहीं है। एक तरफ धोनी और दूसरी तरफ मैं सोया हुआ था और नीरज पटेल बेड पर पसरे हुए थे।
No comments