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विवादों में घेरे IPS : अजयपाल शर्मा लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर की जांच एसआईटी ने की शुरू; कथित पत्नी से होगी पूछताछ

प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आईपीएस डॉ. अजय पाल शर्मा के विरुद्ध लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर की जांच शुरू कर दी है। एक टीम जल्द ही गाजियाबाद जाएगी और जेल में निरुद्ध मुकदमे की वादी दीप्ति शर्मा से पूछताछ करेगी।
दीप्ति ने खुद को डॉ. शर्मा की पत्नी बताते हुए यह मुकदमा दर्ज कराया था। शासन ने इस मुकदमे की जांच उसी दिन एसआईटी को सौंपने का आदेश कर दिया था। अब एसआईटी ने यह जांच शुरू कर दी है। वर्ष 2011 बैच के आईपीएस डॉ. शर्मा गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद के एसएसपी रहे हैं।
दीप्ति का आरोप है कि डॉ. शर्मा ने शादी के सबूत मिटाने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भेजवा दिया। अभी भी वह जेल में ही निरुद्ध हैं। दीप्ति ने एफआईआर में डॉ. शर्मा के अलावा सब इंस्पेक्टर विजय यादव व चंदन राय को भी नामजद किया है। इसके अलावा उन्होंने खुद की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित आस्था अपार्टमेंट में रहने वाली दीप्ति शर्मा का कहना है कि वह अधिवक्ता हैं। वर्ष 2016 में आईपीएस डॉ. शर्मा ने उससे शादी की थी। उस समय वह एसपी सिटी गाजियाबाद के पद पर थे। बाद में उनके रिश्ते खराब हो गए और दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। दीप्ति के मुताबिक, डॉ. शर्मा के इशारे पर गोविंदपुरम निवासी हरेन्द्र कुमार ने उनके खिलाफ साहिबाबाद थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में रहने के दौरान उन पर बुलंदशहर के सिकंदराबाद, गाजियाबाद के सिहानी गेट और रामपुर के सिविल लाइंस थाने में भी धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
दीप्ति ने यह आरोप भी लगाया है कि 18 सितंबर 2019 को रामपुर जिले के सिविल लाइंस थाने की पुलिस उनके घर से लैपटॉप, डीवीआर व अन्य इलेक्ट्रानिक सामान जबरन उठा ले गई। इसकी शिकायत उन्होंने डीआईजी रेंज मेरठ समेत कई अधिकारियों से की थी।
जांच रिपोर्ट में कई और खुलासे हुए
नोएडा। गोपनीय रिपोर्ट को लेकर हुई एसआईटी जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। इस जांच रिपोर्ट में नोएडा के सबसे बड़े गैंगस्टर और पुलिस अधिकारियों के गठजोड़ पर भी टिप्पणी की गई है। पिछले कुछ समय में नोएडा में खाकी और माफियाओं के गठजोड़ पर हुई कार्रवाई का भी रिपोर्ट में हवाला दिया गया है। इस जांच में पुलिस के ही एक और बड़े अधिकारी को लेकर भी टिप्पणी की गई है।
पुलिस महकमे से लेकर शासन तक में हड़कंप मचा देने वाली तत्कालीन एसएसपी गौतमबुद्धनगर वैभव कृष्ण की गोपनीय रिपोर्ट की जांच के लिए 9 जनवरी को शासन के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी के अध्यक्ष एचसी अवस्थी थे (वर्तमान डीजीपी), जबकि कमेटी के सदस्य अमिताभ यश आईजी एसटीएफ और विकास गोठलवाल प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम थे। कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है।

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