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6 महीने से फ्लैट में कैद 4 लोगों का परिवार, बाहर निकला चार ट्रैक्टर कचरा, 300 जोड़ी चप्पल-जूते भी मिले !

गुजरात के नवसारी शहर में एक हृदय विदारक किस्सा सामने आया है। जिसमें एक अपार्टमेंट में रहने वाली विक्षिप्त विधवा के घर से 4 ट्रेक्टर कचरा निकला। पूरा परिवार 6 महीने से घर में ही कैद था।

घर से दुर्गंध आ रही थी
जैन परिवार की विधवा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसका एक बेटा दिव्यांग है। चारों सदस्य 6 महीने से घर में ही कैद हैं। घर से जब असह्य दुर्गंध आने लगी, तब सोसायटी के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने जब घर खुलवाया, तो वहां से चार ट्रेक्टर कचरा निकला। इसके अलावा 300 जोड़ी जूते-चप्पल भी मिले। पुलिस ने पूरे घर की सफाई करवाई और चारों को अस्पताल में भर्ती कराया।

16 साल पहले ही हो चुकी है घर के मुखिया की मौत
नवसारी के सयाजी रोड पर स्थित प्रियंका अपार्टमेंट के तीसरे माले पर अनिल भाई शाह, उनकी पत्नी मीता बेन(61), पुत्री दुरिता (37), दो बेटे सुपत (29) और संभव (21) काफी समय से रहते हैं। घर के मुखिया अनिल भाई की मृत्यु 16 साल पहले ही हो चुकी है। इसके बाद घर की जवाबदारी मीता बेन पर आ गई। वे धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो गई। उसके बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया।

भाई-बहन नौकरी के लिए भटकने लगे
दूसरी तरफ बेटी दुरिता और बड़ा बेटा सुपत नौकरी के लिए भटकने लगे। छोटे-छोटे काम करते हुए कुछ दिनों बाद वे भी पस्त हो गए। इस दौरान उनके सगे-संबंधी उन्हें कपड़े, जूते-चप्पल आदि दे जाते थे। जिसके घर में ढेर लग गए।

पानी कनेक्शन काट दिया गया था
सोसायटी का मेंटेनेंस न देने पर उनके पानी का कनेक्शन काट दिया गया था। कचरा उठाना भी बंद कर दिया गया था। तो वे कचरे को प्लास्टिक की थैलियों में भरने लगे थे। सोसायटी का बिल 15 हजार हो गया था, इसलिए दो भाई नीचे जाकर पानी भरने लगे थे। पानी की कमी के चलते परिवार वालों ने नहाना-धोना और कपड़े धोना बंद कर दिया था। दिव्यांग बेटे का मल-मूत्र बिस्तर पर ही होता था। इसलिए चारों तरफ दुर्गंध फैल गई थी। इसलिए दूसरी मंजिल पर रहने वालों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

घर की हालत देख पुलिस भी चौंक गई
पुलिस ने जब उनका घर खुलवाया, तब वहां की हालत बहुत ही ज्यादा खराब थी। चारों तरफ कचरा ही कचरा था, तेज दुर्गंध आ रही थी। यह सब देखकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई। सबसे पहले पुलिस ने घर के सभी सदस्यों को एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवाया। उसके बाद घर की सफाई करवाई। जहां चार ट्रेक्टर कचरा निकला। जूठे बर्तनों का ढेर लगा था। पूरा परिवार बहुत ही दयनीय स्थिति में रह रहा था।

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