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Crime : पत्नी को छेड़ता था छोटा भाई तो बड़े ने तीन टुकड़े कर उसे नाले में गाड़ दिया


Ashoknagar Crime : बहादुरपुर (अशोकनगर, नवदुनिया न्यूज)। तहसील मुख्यालय से करीब 6 किमी दूर हारूखेडी गांव में जब एक भाई की गलती की सजा दूसरे भाई ने खुद ही तय कर दी तो एक परिवार पूरी तरह से तबाह हो गया। इस घटना में दो भाइयों के परिवार में से जहां एक भाई की हत्या हो गई, वहीं दूसरा भाई उस हत्या के जुर्म में सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस ने अपने ही भाई की हत्या करने के आरोप में बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया है और छोटे भाई का शव बरामद किया है। बड़े भाई ने साले के साथ मिलकर छोटे भाई के तीन टुकड़े कर उसे नाले में गाड़ दिया था। हत्या की वजह छोटे भाई द्वारा बड़े भाई की पत्नी के साथ छेड़छाड़ और जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
दरअसल, मंगलवार शाम को हारूखेडी निवासी ताराबाई यादव अपने दामाद बैजनाथ सिंह यादव के साथ छोटे बेटे शीलकुमार की गुमशुदगी की शिकायत लेकर बहादुरपुर पुलिस थाने पहुंची थीं। महिला ने बताया कि उसके दो बेटे हैं, जिनमें से छोटा वाला बेटा पिछले दस दिन से घर से बगैर बताए गायब है। महिला ने यह भी बताया कि जिस दिन से शीलकुमार गायब है उसी दिन उसका विवाद बड़े बेटे देवीसिंह के साथ हुआ था। उस वक्त घर में देवीसिंह का साला श्रीपाल यादव भी मौजूद था। रात में शीलकुमार घर नहीं लौटा और अगले ही दिन श्रीपाल अशोकनगर के पास अपने घर बुडेना गांव चला गया था। श्रीपाल के साथ देवीसिंह की पत्नी, दोनों बच्चे भी चले गए थे। जब मां ने छोटे बेटे की गुमशुदगी का राज बड़े बेटे को पता होने का शक पुलिस के सामने जाहिर किया। तब पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक का शव बरामद किया। पुलिस घटना का कारण जमीनी विवाद बता रही है। फॉरेंसिंग विशेषज्ञ भी मौके पर पहुंच गए थे।
आपराधिक प्रवृति का था शीलकुमार
बताया गया है कि शीलकुमार आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति था। उसके विरुद्ध बहादुरपुर थाने में धारा 354 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है, जिसमें वह जमानत पर बाहर था। इसके अलावा मृतक के खिलाफ सागर जिले के बीना कोतवाली थाने में भी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी आरोपित देवीसिंह ने दी है। हालांकि इस संबंध में पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि देवीसिंह जहां शांत प्रवृति का व्यक्ति है तो शीलकुमार झगडालू किस्म का। इस घटना पर ग्रामीणों को भी एकाएक यकीन नहीं हुआ। बताया गया है कि मृतक शीलकुमार नशे का आदी था, वह नशे में अक्सर गांव वालों के साथ भी झगड़ा करता था।
तीन साल पहले हुई पति की मौत, फिर से बेसहारा हुई दो बेटों की मां
हारूखेडी गांव के छोटे से किसान बादाम सिंह की मौत करीब तीन वर्ष पहले हो गई थी। उसके बाद विधवा ताराबाई का सहारा उसके दो बेटे ही थे। बीते दस दिन पहले उसके छोटे बेटे की हत्या बड़े बेटे ने कर दी तो ताराबाई फिर से बेसहारा हो गई। मंगलवार को जब महिला ने छोटे बेटे की गुमशुदगी संबंधी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई थी तो उसे यह अंदाजा नहीं था, कि दोनों भाइयों के बीच होने वाला विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा कि एक को जहां जान से हाथ धोना पड़ेगा, वहीं दूसरा इस कृत्य को अंजाम देने के बाद जेल पहुंच जाएगा।
मैं उसे न मारता तो वह मुझे मार देता- देवीसिंह
आरोपित देवीसिंह ने रोते हुए बताया कि घटना वाली रात में छोटे भाई ने उसके साथ मारपीट करने के बाद गला दबाकर मारने की कोशिश की थी। उसने बताया कि मैंने जैसे-तैसे अपने आप को बचाया, लेकिन उसी वक्त घटना को अंजाम देना तय कर लिया था। साले के साथ मिलकर उसने फावड़े से शीलकुमार की गर्दन पर वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद खेतों के रास्ते से नाले के पास पहुंचकर एक बार और फावड़े से वार किए जिससे गर्दन धड़ से अलग हो गई। उसके मन में छोटे भाई के प्रति इतना गुस्सा भरा हुआ कि दफनाते वक्त भी उसने फावड़े से वार कर दाहिना हाथ टखने से अलग कर दिया।
लॉकडाउन के चलते दो महीने पहले ही गांव आए थे दोनों भाई
ग्रामीणों ने बताया कि बादाम सिंह की मौत के बाद देवीसिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सागर जिले के बीना में काम करने चला गया था। उसके वहां जाने के पीछे एक कारण शीलकुमार का आरोपित की पत्नी के साथ अक्सर छेड़छाड़ करना भी बताया गया है। बताते हैं कि इसके बाद वह भी बीना पहुंच गया और पास में ही किराए से रहने लगा। जिससे अक्सर दोनों का झगड़ा होता था। लॉकडाउन के कारण जब काम धंधे बंद हो गए तो एक-एक कर दोनों भाई गांव वापस आ गए थे, जहां उनके झगड़े फिर से शुरू हो गए और उनका आखिरी अंजाम यह दर्दनाक घटना हुई।

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