Breaking News

इस तस्वीर को देख भावुक हुए लोग, बोले- यही होता है मां का प्यार!

तस्वीर में दिख रहा है कि बुजुर्ग पप्पी को कंधे पर बैठाकर पैदल चल रही हैं (फोटो- सोशल मीडिया)

नई दिल्ली. कोरोना संकट (Corona Crisis) से भारत समेत दुनिया के 200 से ज्यादा देश जूझ रहे हैं. इस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन जारी है. इस लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया है. दरअसल इस तस्वीर में एक बुजुर्ग महिला अपनी पीठ पर कुत्ते के बच्चे (Puppy) को बैठाकर पैदल प्रवासी मजदूरों की तरह अपने घर जा रही है.


यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. Fragrantwhirlwind नाम के ट्वीटर यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘यह काफी जल्दी थक जाता है. मेरे साथ ही रहता है… इसे छोड़ नहीं सकती. यह बीते 2 दिन से चल रहे हैं.’




बुजुर्ग की पीठ पर खड़ा है पप्पी

तस्वीर में देखा जा सकता है कि बुजुर्ग ने हाथ में कुछ बोझ पकड़ा हुआ है. इसके अलावा सिर पर भी एक गठरी लटका रखी है, जिस पर एक पप्पी (कुत्ते का बच्चा) खड़ा है. यह लम्हा लोगों के दिल को छू रहा है और उन्हें इमोशनल भी कर रहा है.


आईपीएस (IPS) अफसर विजय कुमार ने भी इस तस्वीर को ट्वीट किया है. उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘खुद मुश्किल में भी होकर दया दिखाना. बहुत कुछ सिखाता है!’



इस तस्वीर पर बहुत लोगों ने कमेंट भी किया है और महिला की तारीफ की. कुछ लोगों ने लिखा ‘यही होता है मां का प्यार.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, 'सबके लिए एक सा लॉकडाउन नहीं है.'




यह तस्वीर कहां की है, फिलहाल इसके बारे में पता नहीं लग सका है. लेकिन खबर लिखे जाने तक इस तस्वीर को 1100 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है, जबकि 2800 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं.






सड़कों पर पैदल चल रहे हैं बेबस मजदूर

बता दें कि कोरोना लॉकडाउन (corona lockdown) की वजह से प्रवासी श्रमिक सिर्फ बेरोजगार नहीं हुए हैं, बल्कि उनका सुख-चैन सब कुछ छिन गया है. अपने ही मुल्क में उन्हें अपने गांव जाने के लिए मिन्नतें मांगनी पड़ रही हैं. किसी भी हाइवे पर देखिए, मजदूरों के पांव अपने गांव की ओर बढ़ते जा रहे हैं. चिलचिलाती धूप में बेबस मासूम भी बेरहम व्यवस्था के शिकार हो रहे हैं.

No comments