हमारी खातिर अपनों से दूर दूर रहते हैं कोरोना के योद्धा, एडीएम पत्नी और इंस्पेक्टर पति दोनों संभाल रहे मोर्चा

हमारी खातिर अपनों से दूर दूर रहते हैं कोरोना के योद्धा, एडीएम पत्नी और इंस्पेक्टर पति दोनों संभाल रहे मोर्चा
कोरोना महामारी से जंग के असली वॉरियर यही हैं। इंस्पेक्टर पति और एडीएम पत्नी दोनों कोरोना की लड़ाई को अलग अलग मोर्चों पर संभाल रहे हैं। महामारी और संक्रमण के खतरे की वजह से उनका परिवार और बच्चों से मिलना कई कई दिनों तक नहीं हो पाता है।
मिलते भी हैं तो सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुये दूर से ही हाय हैलो रहती है। ऐसा ही हाल है इंस्पेक्टर कोतवाली का। परिवार शहर में ही रहता है, लेकिन 24-24 घंटे परिवार से मिलना नहीं हो पाता है। खाकी का जाब प्रोफाइल ही कुछ ऐसा है। यहां टशन, शोहरत, बुलंदी सब कुछ है, नहीं है तो परिवार के लिये टाइम। हमारी खातिर ये योद्धा अपने परिवार से दूर दूर रहते हैं, इनका परिवार को भी इनकी कमी खलती है, लेकिन ये दूरी ऐसी है कि मिटाये नहीं मिटती।
मुरादाबाद में पत्नी हैं एडीएम, बरेली में इंस्पेक्टर है पति
मुरादाबाद की एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रीती जायसवाल के पति इंस्पेक्टर विप्लव शर्मा एडीजी जोन के पीआरओ हैं। एडीएम मुरादाबाद में कोरोना की कंट्रोल रूम प्रभारी हैं। कोरोना से लड़ाई में सुबह से लेकर देर रात तक प्रशासनिक व्यवस्थाओं में उलझी एडीएम परिवार और बच्चों को समय नहीं दे पाती है। राशन पानी से लेकर दवा और लोगों को इमरजेंसी सुविधाओं का जिम्मा उन पर है। उनके पति इंस्पेक्टर विप्लव शर्मा एडीजी जोन अविनाश चंद्र के पीआरओ हैं।
व्यवहार कुशल और मेहनती होने के साथ-साथ सीबीआई का खासा अनुभव उनके काम को आसान बना देता है। इंस्पेक्टर पुलिस की व्यवस्थाओं से लेकर एडीजी जोन के आफिस का रिकार्ड और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने की वजह से वह कई-कई दिनों तक मुरादाबाद नहीं जा पाते हैं। मुरादाबाद जाते भी हैं तो खुद को आइसोलेट रखते हैं। दरअसल उनका जोन के नौ जिलों में एडीजी के साथ संक्रमित ऐरिया में भी जाना होता है।
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