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ज्यादा प्रोटीन लेने से बचे- हो सकता है खतरनाक


फिटनेस किसे नहीं पसंद, अच्छा शरीर, अच्छी बॉडी पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते। इसके लिए लोग जिम में जाना शुरू करते है और खाने में ज्यादा ध्यान देते है,  खासकर जिम करने व तेजी से वजन कम करने के इच्छुक मेटाबॉलिज्म को काबू में रखने के लिए उच्च प्रोटीन डाइट लेना पसंद करते हैं। पर, नए शोधों की मानें तो लंबे समय तक उच्च प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन दिल, किडनी व हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रोटीन को मांसपेशियों का भोजन कहा जाता है। लेकिन जब मांसपेशियों को आवश्यकता से अधिक भोजन खिलाया जाता है, तो उसका प्रभाव बाहरी रूप से ही दिखाई नहीं देता, शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली भी गड़बड़ा जाती है। फिटनेस के इच्छुकों में प्रोटीन डाइट का क्रेज इसी रूप में देखने को मिल रहा है। मॉडल्स व फिल्मी हस्तियों जैसी बॉडी बनाने के इच्छुक युवा आसानी से प्रोटीन सप्लीमेंट्स के चक्कर में पड़ जाते हैं, जो कई बार फायदे से अधिक हानिकारक साबित होता है।
क्यों हानिकारक है अधिक प्रोटीन
चिकित्सा क्षेत्र में हुए अध्ययन की बात करें, तो अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन (कुल कैलोरी में 30 % से अधिक प्रोटीन डाइट का भाग) शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे शरीर में कीटोंस की मात्रा बढ़ जाती है, जो कि विषैला पदार्थ है। कीटोंस को शरीर से बाहर निकालने के लिए शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इस पूरी प्रक्रिया में शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है, जिससे डीहाइड्रेशन भी हो सकता है। अधिक व्यायाम करने वालों में ऐसा अधिक होता है। ऐसी डाइट को कीटोजेनिक डाइट भी कहते हैं। जिससे कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, सांसों से बदबू आना या दूसरी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।
किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी उच्च प्रोटीन डाइट से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। हमारी किडनी रक्त में प्रोटीन को भी शुद्ध करने का काम करती है। अधिक प्रोटीन डाइट लेने से किडनी पर दबाव अधिक पड़ जाता है। शोध यह भी बताते हैं कि एक आयु के बाद उच्च प्रोटीन डाइट लेने वालों में यूरिया एसिड बढ़ जाता है। पेशाब में कैल्शियम की मात्रा कम निकलती है। कैल्शियम की यह अतिरिक्त मात्रा किडनी में लंबे समय तक जमने से पथरी का रूप ले सकती है। साथ ही हृदय पर भी अधिक असर पड़ता है।
हड्डियों की समस्या जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस की स्थिति से जूझ रहे लोगों को भी उच्च प्रोटीन डाइट से बचने की सलाह दी जाती है। चूंकि प्रोटीन के अवशोषण के लिए अधिक कैल्शियम की आवश्यकता होती है, ऐसे में मांसपेशियों व हड्डियां का कैल्शियम घटने लगता है। जो लोग लंबे समय तक उच्च प्रोटीन डाइट के लिए मांसाहारी भोजन का सेवन करते हैं, उनमें कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हृदय रोगों, स्ट्रोक और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने से कार्बोहाइट्रेड का सेवन कम हो जाता है, जिससे शरीर को फाइबर कम मिलता है, अन्य पोषक तत्व कम हो जाते हैं। कब्ज की समस्या भी बढ़ जाती है। उच्च प्रोटीन डाइट से सूजन भी आ सकती है। इन दिनों जिम इंस्ट्रक्टर छह से आठ अंडे खाने व प्रोटीन सप्लीमेंट्स की सलाह देते हैं, जो ठीक नहीं है।

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